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बुधवार, 28 जनवरी 2026

भारत के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य :

 भारत के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य :


1. जनसंख्या - 146 Crores 

2. आधार कार्ड धारक - 140 Crores 

3. इंटरनेट यूजर - 81 Crores 

4. मोबाइल सब्सक्राइबर - 117 Crores 

5. कुल मतदाता - 99 Crores 

6. ई-कॉमर्स यूजर - 30 Crores 

7.  स्मार्टफोन यूजर - 66 Crores 

8. OTT सब्सक्राइबर - 60 Crores 

9. सोशल मीडिया यूजर - 49 Crores 

10. UPI ट्रांसेक्शन प्रतिमाह - 2,100+ crores

11. फ़ूड डिलीवरी प्लेटफार्म यूजर - 15 Crores 

12. 5G यूजर - 40+ crores 

13. शहरी आबादी - 37%

14. ग्रामीण आबादी - 63%

15. डिजिटल लर्निंग यूजर - 15 Crores 

16. हेल्थ इन्सुरेंस यूजर - 60 Crores 

17. स्टॉक मार्केट यूजर -22 Crores 

18. म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्टर - 6 Crores

19. इलेक्ट्रिक वेइकल यूजर -  5 crores

बुधवार, 14 जनवरी 2026

मकर संक्रांति

 "माघ मकर गति रवि जब होई।

तीरथ पतिहिं आव सब कोई॥


देव दनुज किन्नर नर श्रेनी।

सादर मज्जहिं सकल त्रिवेनी॥


पूजहि माधव पद जल जाता।

परसि अखय वटु हरषहि गाता॥


भरद्वाज आश्रम अति पावन। 

परम रम्य मुनिबर मन भावन॥


तहाँ होइ मुनि रिषय समाजा। 

जाहिं जे मज्जन तीरथराजा॥


मज्जहिं प्रात समेत उछाहा। 

कहहिं परसपर हरि गुन गाहा॥


ब्रह्म निरूपन धरम बिधि 

                 बरनहिं तत्त्व बिभाग।

ककहिं भगति भगवंत कै 

                  संजुत ग्यान बिराग॥


माघमासे गमिष्यन्ति

                      गंगायमुनसंगमे।

ब्रह्माविष्णु

       महादेवरुद्रादित्यमरुदगणा:॥


अर्थात् :- ब्रह्मा, विष्णु, महादेव, रुद्र, आदित्य तथा मरुद्गण माघ मास में प्रयागराज के लिए यमुना के संगम पर गमन करते हैं। उत्तरायण का सूर्य आपके स्वप्नों को नयी ऊष्मा प्रदान करे, आपके यश एवम् कीर्ति में उत्तरोत्तर वृद्धि हो, आप परिजनों सहित स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों, ऐसी कामना है । *_मकर संक्रान्ति के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाऐं।               

शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025

प्रेम

 बहुत समय पहले की बात है, एक वृद्ध सन्यासी हिमालय की पहाड़ियों में कहीं रहता था । वह बड़ा ज्ञानी था और उसकी बुद्धिमत्ता की ख्याति दूर -दूर तक फैली थी । एक दिन एक औरत उसके पास पहुंची और अपना दुखड़ा रोने लगी  - ” बाबा, मेरा पति मुझसे बहुत प्रेम करता था,  लेकिन वह जबसे युद्ध से लौटा है ठीक से बात तक नहीं करता ।”


”युद्ध लोगों के साथ ऐसा ही करता है.” - सन्यासी बोला ।


लोग कहते हैं कि आपकी दी हुई जड़ी-बूटी इंसान में फिर से प्रेम उत्पन्न कर सकती है, कृपया आप मुझे वो जड़ी-बूटी दे दें ।” - महिला ने विनती की ।


सन्यासी ने कुछ सोचा और फिर बोला - ”देवी मैं तुम्हे वह जड़ी-बूटी ज़रूर दे देता, लेकिन उसे बनाने के लिए एक ऐसी चीज चाहिए जो मेरे पास नहीं है ।”


”आपको क्या चाहिए मुझे बताइए मैं लेकर आउंगी ।” - महिला बोली ।


”मुझे बाघ की मूंछ का एक बाल चाहिए ।” - सन्यासी बोला ।


अगले ही दिन महिला बाघ की तलाश में जंगल में निकल पड़ी,  बहुत खोजने के बाद उसे नदी के किनारे एक बाघ दिखा, बाघ उसे देखते ही दहाड़ा, महिला सहम गयी और तेजी से वापस चली गयी ।

अगले कुछ दिनों तक यही हुआ,  महिला हिम्मत कर के उस बाघ के पास पहुँचती और डर कर वापस चली जाती । महीना बीतते-बीतते बाघ को महिला की मौजूदगी की आदत पड़ गयी, और अब वह उसे देख कर सामान्य ही रहता । अब तो महिला बाघ के लिए मांस भी लाने लगी,  और बाघ बड़े चाव से उसे खाता । उनकी दोस्ती बढ़ने लगी और अब महिला बाघ को थपथपाने भी लगी और देखते देखते एक दिन वो भी आ गया जब उसने हिम्मत दिखाते हुए बाघ की मूंछ का एक बाल भी निकाल लिया ।


फिर क्या था, वह बिना देरी किये सन्यासी के पास पहुंची , और बोली -  ”मैं बाल ले आई बाबा ।”


"बहुत अच्छे ।” - और ऐसा कहते हुए सन्यासी ने बाल को जलती हुई

आग में फ़ेंक दिया ।


”अरे ये क्या बाबा , आप नहीं जानते इस बाल को लाने के लिए मैंने कितने प्रयत्न किये और आपने इसे जला दिया ……अब मेरी जड़ी-बूटी कैसे बनेगी ?” - महिला घबराते हुए बोली ।


”अब तुम्हे किसी जड़ी-बूटी की ज़रुरत नहीं है ।” सन्यासी बोला - "जरा सोचो , तुमने बाघ को किस तरह अपने वश में किया….जब एक हिंसक पशु को धैर्य और प्रेम से जीता जा सकता है, तो क्या एक इंसान को नहीं ? जाओ जिस तरह तुमने बाघ को अपना मित्र बना लिया, उसी तरह अपने पति के अन्दर प्रेम भाव जागृत करो ।”


महिला सन्यासी की बात समझ गयी , अब उसे उसकी जड़ी-बूटी मिल चुकी थी ।


🙏 Jai श्री कृष्णा 🙏