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शनिवार, 27 सितंबर 2014

PAC GAN पी0ए0सी0गान


पी00सी0गान
गीत गा रहे पीएसी के कमर्ठ वीर जवान ।
जीवन में उत्साह भर रहे, गीत अमर बलिदान के ।
प्रकृति प्रकोप, कोप मौसम का, तुझे नही दहला पाया ।
दुर्गम अगम धोर बीहड. वन,तेरा दिल न हिला पाया ॥
कैम्प वास हो, कर्मक्षेत्र हो, क्षण झेले तूफान के ।
गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान ।
पीएसी का वीर देश  का तू निर्भीक सिपाही है ।
समय-समय पर प्रिय स्वदेश ने तेरी शक्ति सराही है ।
हरदम हुए बुलन्द हौसले, स्वंय प्रदेश महान के ॥
गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान ।
दंगा मुक्ति दस्यु उन्मूलन मे, समाज निहित जिये।
अपनी जान डाल जोखिम में, तूने अथक प्रयास किये।
आशाप्रद परिणाम दे चला। इस अचुक अभियान के ।
गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान॥
कुशल क्षेत्र का तू आराधक, साधक शान्ति व्यवस्था का।
प्रबल  शत्रु बिलगाव वाद से उपजी विषम समस्या का।
तेरी देश भक्ति ने बोये बीज सर्व कल्याण के ।
गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान॥
एक देश का, एक ध्वजा का, एक गीत का गायक तू।
मानव-मानव सब समान हैं। इस व्रत का परिचायक तू।
 इसीलिए हम गीत गा रहे तेरी विजय महान के
गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान॥ 

pac gan पी0ए0सी0गान


                       पी00सी0गान
गीत गा रहे पीएसी के कमर्ठ वीर जवान ।
जीवन में उत्साह भर रहे, गीत अमर बलिदान के ।
प्रकृति प्रकोप, कोप मौसम का, तुझे नही दहला पाया ।
दुर्गम अगम धोर बीहड. वन,तेरा दिल न हिला पाया ॥
कैम्प वास हो, कर्मक्षेत्र हो, क्षण झेले तूफान के ।
गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान ।
पीएसी का वीर देश  का तू निर्भीक सिपाही है ।
समय-समय पर प्रिय स्वदेश ने तेरी शक्ति सराही है ।
हरदम हुए बुलन्द हौसले, स्वंय प्रदेश महान के ॥
गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान ।
दंगा मुक्ति दस्यु उन्मूलन मे, समाज निहित जिये।
अपनी जान डाल जोखिम में, तूने अथक प्रयास किये।
आशाप्रद परिणाम दे चला। इस अचुक अभियान के ।
गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान॥
कुशल क्षेत्र का तू आराधक, साधक शान्ति व्यवस्था का।
प्रबल  शत्रु बिलगाव वाद से उपजी विषम समस्या का।
तेरी देश भक्ति ने बोये बीज सर्व कल्याण के ।
                        गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान॥
एक देश का, एक ध्वजा का, एक गीत का गायक तू।
मानव-मानव सब समान हैं। इस व्रत का परिचायक तू।
                        इसीलिए हम गीत गा रहे तेरी विजय महान के ।

                        गीत गा रहे पीएसी के कर्मठ वीर जवान॥

रविवार, 7 अप्रैल 2013

मित्रो हमारे देश मे 3000 साल पहले एक ऋषि हुए जिनका नाम था वाग्भट्ट जी ! वो 135 साल तक जीवित रहे ! उन्होने अपनी पुस्तक अष्टांगह्रदयं मे स्वस्थ्य रहने के 7000 सूत्र लिखे ! उनमे से ये एक सूत्र राजीव दीक्षित जी की कलम से आप पढ़ें !
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वाग्भट्ट जी कहते है, ये बहुत गहरी बात वो ये कहते है जब आप भोजन करे कभी भी तो भोजन का समय थोडा निश्चित करें । भोजन का समय निश्चित करें । ऐसा नहीं की कभी भी कुछ भी खा लिया । हमारा ये जो शरीर है वो कभी भी कुछ खाने के लिए नही है । इस शरीर मे जठर है, उससे अग्नि प्रदिप्त होती है । तो बागवटजी कहते है की, जठर मे जब अग्नी सबसे ज्यादा तीव्र हो उसी समय भोजन करे तो आपका खाया हुआ, एक एक अन्न का हिस्सा पाचन मे जाएगा और रस मे बदलेगा और इस रस में से मांस,मज्जा,रक्त,मल,मूत्रा,मेद और आपकी अस्थियाँ इनका विकास होगा ।

हम लोग कभी भी कुछ भी खाते रहते हैं । ये कभी भी कुछ भी खाने पद्ध्ती भारत की नहीं है, ये युरोप की है । युरोप में doctors वो हमेशा कहते रहते है की थोडा थोडा खाते रहो, कभीभी खाते रहो । हमारे यहाँ ये नहीं है, आपको दोनों का अंतर समझाना चाहता हूँ । बागवटजी कहते है की, खाना खाते का समय निर्धरित करें । और समय निर्धरित होगा उससे जब आप के पेट में अग्नी की प्रबलता हो । जठरग्नि की प्रबलता हो । वाग्भट्टजी ने इस पर बहुत रिसर्च किया और वो कहते है की, डेढ दो साल की रिसर्च के बाद उन्हें पता चला की जठरग्नि कौन से समय मे सबसे ज्यादा तीव्र होती है । तो वो कहते की सूर्य का उदय जब होता है, तो सूर्य के उदय होने से लगभग ढाई घंटे तक जठरग्नि सबसे ज्यादा तीव्र होती है ।

मान लो अगर आप चेन्नई मे हो तो 7 बजे से 9 बजे तक जठरग्नि सबसे ज्यादा तीव्र होगी । हो सकता है ये इसी सूत्रा अरूणाचल प्रदेश में बात करूँ तो वो चार बजे से साडे छह का समय आ जाएगा । क्यांे कि अरूणाचल प्रदेश में सूर्य 4 बजे निकल आता है । अगर सिक्कीम मे कहूँगा तो 15 मिनिट और पहले होगा, यही बात अगर मे गुजरात मे जाकर कहूँगा तो आपसे समय थोडा भिन्न हो जाएगा तो सूत्रा के साथ इसे ध्यान मे रखे । सूर्य का उदय जैसे ही हुआ उसके अगले ढाई घंटे तक जठर अग्नी सबसे ज्यादा तीव्र होती है । तो बागवटजी कहते है इस समय सबसे ज्यादा भोजन करें ।

वाग्भट्टजी ने एक और रिसर्च किया था, जैसे शरीर के कुछ और अंग है जैसे हदय है, जठर,किडनी,लिव्हर है इनके काम करने का अलग अलग समय है ! जैसे दिल सुबह के समय सबसे अधिक काम करता है ! 4 साढ़े चार बजे तक दिल सबसे ज्यादा सक्रीय होता है और सबसे ज्यादा heart attack उसी समय मे आते है । किसी भी डॉक्टर से पूछ लीजीए, क्योकि हदय सबसे ज्यादा उसी समय में तीव्र । सक्रीय होगा तो हदय घात भी उसी समय होगा इसलिए 99 % हार्ट अॅटॅक अर्ली मॉनिंग्ज मे ही होते है । इसलिए तरह हमारा लिव्हर किडनी है, एक सूची मैने बनाई है, बाहर पुस्तको मे है । संकेतरूप मे आप से कहता हूँ की शरीर के अंग का काम करने का समय है, प्रकृती ने उसे तय किया है । तो आप का जठर अग्नी सुबह 7 से 9.30 बजे तक सबसे ज्यादा तीव्र होता है तो उसी समय भरपेट खाना खाईए ।


ठीक है । फिर आप कहेगे दोपहर को भूख लगी है तो थोडा और खा लीजीए । लेकीन बागवट जी कहते है की सुबह का खाना सबसे ज्यादा । अगर आज की भाषा में अगर मे कहूँ तो आपका नाष्टा भरपेट करे । और अगर आप दोपहर का भोजन आप कर रहे है तो वाग्भट्टजी कहते है की, वो थोडा कम करिए नाश्ते से थोडा 1/3 कम कर दीजीए और रात का भोजन दोपहर के भोजन का 1/3 कर दीजीए । अब सीधे से आप को कहता हूँ । अगर आप सवेरे 6 रोटी खाते है तो दोपहर को 4 रोटी और शाम को 2 रोटी खाईए । अगर आप को आलू का पराठा खाना है आपकी जीभ स्वाद के लिए मचल रही है तो वाग्भट्टजी कहते है की सब कुछ सवेरे खाओ, जो आपको खानी है सवेरे खाओ, हाला की अगर आप जैन हो तो आलू और मूली का भी निषिध्द है आपके लिए फिर अगर जो जैन नहीं है, उनके लिए ? आपको जो चीज सबसे ज्यादा पसंद है वो सुबह आओ । रसगुल्ला , खाडी जिलेबी, आपकेा पसंद है तो सुबह खाओ । वो ये कहते हे की इसमें छोडने की जरूरत नहीं सुबह पेट भरके खाओ तो पेट की संतुष्टी हुई , मन की भी संतुष्टी हो जाती है ।


और वाग्भट्टजी कहते है की भोजन में पेट की संतुष्टी से ज्यादा मन की संतुष्टी महत्व की है।
मन हमारा जो है ना, वो खास तरह की वस्तुये जैसे , हार्मोन्स , एंझाईम्स से संचालित है । मन को आज की भाषा में डॉक्टर लोग जो कहते हैं , हाला की वो है नहीं लेकिन डाक्टर कहते हैं मन पिनियल गलॅंड हैं ,इसमे से बहुत सारा रस निकलता है । जिनको हम हार्मोन्स ,एंझाईम्स कह सकते है ये पिनियल ग्लॅंड (मन )संतुष्टी के लिए सबसे आवश्यक है , तो भोजन आपको अगर तृप्त करता है तो पिनियललॅंड आपकी सबसे ज्यादा सक्रीय है तो जो भी एंझाईम्स चाहीए शरीर को वो नियमित रूप मंे समान अंतर से निकलते रहते है । और जो भोजन से तृप्ती नहीं है तो पिनियल ग्लॅंड मे गडबड होती है । और पिनियल ग्लॅंड की गडबड पूरे शरीर मे पसर जाती है । और आपको तरह तरह के रोगो का शिकार बनाती है । अगर आप तृप्त भोजन नहीं कर पा रहे तो निश्चित 10-12 साल के बाद आपको मानसिक क्लेश होगा और रोग होंगे । मानसिक रोग बहुत खराब है । आप सिझोफ्रनिया डिप्रेशन के शिकार हो सकते है आपको कई सारी बीमारीया ,27 प्रकार की बीमारीया आ सकती है , । कभी भी भोजन करे तो, पेट भरे ही ,मन भी तृप्त हो । ओर मन के भरने और पेट के तृप्त होने का सबसे अच्छा समय सवेरे का है ।


अब मैने(राजीव भाई ने ) ये वाग्भट्टजी के सूत्रों को चारो तरफ देखना शुरू किया तो मुझे पता चला की मनुष्य को छोडकर जीव जगत का हर प्राणी इस सूत्रा का पालन कर रहा है । मनुष्य अपने को होशियार समझता है । लेकिन मनुष्य से ज्यादा होशियारी जीव जगत के प्राणीयों मे है । आप चिडीया को देखो, कितने भी तरह की चिडीये, सबेरे सुरज निकलते ही उनका खाना शुरू हो जाता है , और भरपेट खाती है । 6 बजे के आसपास राजस्थान, गुजरात में जाओ सब तरह की चिडीया अपने काम पर लग जाती है। खूब भरपेट खाती है और पेट भर गया तो चार घंटे बाद ही पानी पीती है । गाय को देखिए सुबह उठतेही खाना शुरू हो जाता है । भैंस, बकरी ,घोडा सब सुबह उठते ही खाना खाना शुरू करंगे और पेट भरके खाएँगे । फिर दोपहर को आराम करेंगे तो यह सारे जानवर ,जीवजंतू जो हमारी आँखो से दीखते है और नही भी दिखते ये सबका भोजन का समय सवेरे का हैं । सूर्योदय के साथ ही थे सब भोजन करते है । इसलिए, थे हमसे ज्यादा स्वस्थ रहते है ।

मैने आपको कई बार कहा है आप उस पर हँस देते है किसी भी चिडीया को डायबिटीस नही होता किसी भी बंदर को हार्ट अॅटॅक नहीं आता । बंदर तो आपके नजदीक है ! शरीर रचना मे बस बंदर और आप में यही फरक है की बंदर को पूछ है आपको नहीं है बाकी अब कुछ समान है । तो ये बंदर को कभी भी हार्ट अॅटॅक, डासबिटीस ,high BP ,नहीं होता ।


मेरे एक बहुत अच्छे मित्रा है, डॉ. राजेंद्रनाथ शानवाग । वो रहते है कर्नाटक में उडूपी नाम की जगह है वहाँपर रहते है । बहुत बडे ,प्रोफेसर है, मेडिकल कॉलेज में काम करते है । उन्होंने एक बडा गहरा रिसर्च किया ।की बंदर को बीमार बनाओ ! तो उन्होने तरह तरह के virus और बॅक्टेरिया बंदर के शरीर मे डालना शुरू किया, कभी इंजेक्शन के माध्यम से कभी किसी माध्यम से । वो कहते है, मैं 15 साल असफल रहाँ । बंदर को कुछ नहीं हो सकता । और मैने कहा की आप ये कैसे कह सकते है की, बंदर कुछ नहीं हो सकता , तब उन्हांने एक दिन रहस्य की बात बताई वो आपको भी ,बता देता हूँ । की बंदर का जो है न RH factor दुनिया में ,सबसे आदर्श है, और कोई डॉक्टर जब आपका RH factor नापता है ना ! तो वो बंदर से ही कंम्पेअर करता है , वो आपको बताता नहीं ये अलग बात है । कारण उसका ये है की, उसे कोई बीमारी आ ही नहीं सकती । ब्लड मे कॉलेस्टेरॉल बढता ही नहीं । ट्रायग्लेसाईड कभी बढती नहीं डासबिटीस कभी हुई नहीं । शुगर कितनी भी बाहर से उसके शरीर मे डंट्रोडयूस करो, वो टिकती नहीं । तो वो प्रोफेसर साहब कहते है की, यार ये यही चक्कर है ,की बंदर सवेरे सवेरेही भरपेट खाता है । जो आदमी नहीं खा पाता ।



तो वो प्रोफेसर रवींद्रनाथ शानवागने अपने कुछ मरींजों से कहा की देखो भया , सुबह सुबह भरपेट खाओ ।तो उनके कई मरीज है वो मरीज उन्हे बताया की सुबह सुबह भरपेट खाना खाओ तो उनके मरीज बताते है की, जबसे उन्हांने सुबह भरपेट खाना शुरू किया तो , डासबिटीस माने शुगर कम हो गयी, किसी का कॉलेस्टेरॉल कम हो गया, किसी के घटनों का दर्द कम हो गया कमर का दर्द कम हो गया गैस बनाना बंद हो गई पेट मे जलन होना, बंद हो गयी नींद अच्छी आने लगी ..... वगैरा ..वगैरा । और ये बात वाग्भट्टजी 3500 साल पहले कहते ये की सुबह की खाना सबसे अच्छा । माने जो भी स्वाद आपको पसंद लगता है वो सुबह ही खाईए ।

तो सुबह के खाने का समय तय करिये । तो समय मैने आपका बता दिया की, सुरज उगा तो ढाई घंटे तक । माने 9.30 बजे तक, ज्यादा से ज्यादा 10 बजे तक आपक भोजन हो जाना चाहिए । और ये भोजन तभी होगा जब आप नाश्ता बंद करेंगे । ये नाष्ता हिंदुस्थानी चीज नहीं है । ये अंग्रेजो की है और आप जानते है हमारे यहाँ क्या चक्कर चल गया है , नाष्टा थोडा कम, करेंगे ,लंच थोडा जादा करेंगे, और डिनर सबसे ज्यादा करेंगे । सर्वसत्यानाष । एकदम उलटा बागवटजी कहेते है की, नाष्टा सबसे ज्यादा करो लंच थोडा कम करो और डिनर सबसे कम करो । हमारा बिलकूल उलटा चक्कर चल रहा है !


ये अग्रेज और अमेरिकीयो के लिए नाष्टा सबसे कम होता है कारण पता है ??वो लोग नाष्टा हलका करे तो ही उनके लिए अच्छा है। हमारे लिए नाष्टा ज्यादा ही करना बहूत अच्छा है । कारण उसका एकही है की अंग्रेजो के देश में सूर्य जलदी नही निकलता साल में 8-8 महिने तक सूरज के दर्शन नहीं होते और ये जठरग्नी है । नं ? ये सूरज के साथ सीधी संबंध्ति है जैसे जैसे सूर्य तीव्र होगा अग्नी तीव्र होगी । तो युरोप अमेरिका में सूरज निकलता नहीं -40 तक . तापमान चला जाता है 8-8 महिने बर्फ पडता है तो सूरज नहीं तो जठरग्नी तीव्र नहीं हो सकती तो वो नाष्टा हेवियर नही कर सकते करेंगे तो उनको तकफील हो जाएँगी !

अब हमारे यहाँ सूर्य हजारो सालो से निकलता है और अगले हजारो सालों तक निकलेगा ! तो हमने बिना सोचे उनकी नकल करना शुरू कर दिया ! तो बाग्वट जी कहते है की, सुबह का खाना आप भरपेट खाईए । ? फिर आप इसमें तुर्क - कुतुर्क मत करीए ,की हम को दुनिया दारी संभालनी है , किसलिए ,पेट के लिए हीं ना? तो पेट को दूरूस्त रखईये , तो मेरा कहना है की, पेट दुरूस्त रखा तो ही ये संभाला तोही दुनिया दारी संभलती है और ये गया तो दुनिया दारी संभालकर करेंगे क्या?

मान लीजिए, पेट ठीक नहीं है , स्वास्थ ठीक नहीं है , आप ने दस करोंड कमा लिया क्या करेंगे, डॉक्टर को ही देगे ना ? तो डॉक्टर को देने से अच्छा किसी गोशाला वाले को दिजीए ;और पेट दुरूस्त कर लिजिए । तो पेट आपका है तो दुनिया आपकी है । आप बाहर निकलिए घरके तो सुबह भोजन कर के ही निकलिए । दोपहर एक बजे में जठराग्नी की तीव्रता कम होना शुरू होता है तो उस समय थोडा हलका खाए माने जितना सुबह खाना उससे कम खाए तो अच्छा है। ना खाए तो और भी अच्छा । खाली फल खायें , ज्यूस दही मठठा पिये । शाम को फिर खाये ।

अब शाम को कितने बजे खाएं ???

तो वाग्भट्ट जी कहते हैं हमे प्रकति से बहूत सीखने की जरूरत हैं । दीपक । भरा तेल का दीपक आप जलाना शुरू किजीए । तो पहिली लौ खूप तेजी से चलेगी और अंतिम लव भी तेजी से चलेगी माने जब दीपक बूजने वाला होगा, तो बुझने से पहले ते जीसे जलेगा , यही पेट के लिए है । जठरग्नी सुबह सुबह बहूत तीव्र होगी और शमा को जब सूर्यास्त होने जा रहा है, तभी तीव्र होगी, बहुत तीव्र होगी । वो कहते है , शामका खाना सूरज रहते रहते खालो; सूरज डूबा तो अग्नी भी डूबी । तो वैसे जैन दर्शन में कहा है सभी भोजन निषेध् है वाग्भट्टजी भी यही कहते है ,तरीका अलग है ,बस । जैन दर्शन मे अहिंसा के लिए कहते है,वो स्वास्थ के लिए कहेते है । तो शाम का खाना सूरज डुबने की बाद दुनिया में ,कोई नहीं खाता । गाय ,भैंस को खिलाके देखो नहीं खाएगी ,बकरी ,गधे को खिलाके देखो, खाता नहीं । हा बिलकूल नहीं खाता । आप खाते है , तो आप अपने को कंम्पेअर कर लीजीए किस के साथ है आप ? कोई जानवर, जीवटाशी सूर्य डूबने के बाद खाती नही ंतो आप क्यू खा रहे है ?

प्रकृती का नियम बागवटजी कहते है की पालन करीए माना रात का खाना जल्दी कर दीजिए ।
सूरज डुबने के पहले 5.30 बजे - 6 बजे खायिए । अब कितना पहले ? बागवट जीने उसका कॅल्क्यूलेशन दिया है, 40 मिनिट पहले सूरज चेन्नई से शाम 7 बजे डूब रहा है । तो 6.20 मिनट तक हिंदूस्थान के किसी भी कोने में जाईए सूरज डूबने तक 40 मिनिट तक निकलेगा । तो 40 मिनिट पहले शाम का खाना खा लिजीए और सुबह को सूरज निकलने के ढाई घंटे तक कभी भी खा लीजीए । दोनो समय पेट भरके खा लिजिए । फिर कहेंगे जी रात को क्या ? तो रात के लिए वाग्भट्टजी कहेते है की, एक ही चीज हैं रात के लिए की आप कोई तरल पदार्थ ले सकते है । जिसमे सबसे अच्छा उन्होंने दूध कहा हैं । बागवटजी कहते है की, शाम को सूरज डूबने के बाद ‘हमारे पेट में जठर स्थान में कुछ हार्मोन्स और रस या एंझाईम पैदा होते है जो दूध् को पचाते है’ । इसलिए वो कहते है सूर्य डूबने के बाद जो चीज खाने लायक है वो दूध् है । तो रात को दूध् पी लीजीऐ । सुबह का खाना अगर आपने 9.30 बजे खाया तो 6.00 बजे खूब अच्छे से भूक लगेगी ।

फिर आप कहेंगे जी, हम तो दुकान पे वैठे है 6 बजे तो डब्बा मँगा लीजिए । दुकान में डिब्बा आ सकता है । हाँ दुकान में आप बैठे है, 6 बजे डब्बा आ सकता है और मैं आपको हाथ जोडकर आपसे कह रहाँ हूँ की आप मेरे से अगर कोई डायबिटीक पेशंट है, कोई भी अस्थमा पेशंट है, किसी को भी बात का गंभीर रोग है आज से ये सूत्रा चालू कर दिजीए । तीन महिने बाद आप खुद मुझे फोन करके कहंगे की, राजीव भाई, पहले से बहुत अच्छा हूँ sugar level मेरा कम हो रहा है ।
अस्थमा कम हो रहा है। ट्रायग्लिसराईड चेक करा लीजीए, और सूत्रा शुरू करे, तीन महीने बाद फिर चेक करा लीजीए, पहले से कम होगा, LDL बहुत तेजी से घटेगा ,HDL बढ़ेगा । HDL बढना चाहिए, LDL VLDL कम होना ही चाहिए । तो ये सूत्रा बागवटजी का जितना संभव हो आप ईमानदारी से पालन करिए वो आपको स्वस्थ रहने में बहुत मदद करेगा !!

मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013

कंप्यूटर का एक मज़ेदार ट्रिक


कंप्यूटर का एक मज़ेदार ट्रिक आज मै आप को बताने जा रहा हु जिसको कर के आप अपने दोस्तों को अचंभित कर सकते हैं। माफ़ी चाहूँगा इस पोस्ट के लिए क्यों की इसका कोई इस्तेमाल नहीं ये सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस ट्रिक के ज़रिये आप अपने कंप्यूटर के किसी भी फोल्डर को मई कंप्यूटर में बदल सकते हैं
सबसे पहले आप एक नया फोल्डर बनाये और उसको निचे दिए गए कोड से री-नेम कर दें  

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सोमवार, 12 नवंबर 2012

unlocking idea netsetter huawei e1732


many people had problems with unlocking idea netsetter huawei e1732. so here is a new method introduced by nill and it works 100%. first of all you must have patience doing this. because the process it bit long. and also you have to download some softwares. and while downloading the software you will have to disable your antivirus as the crack for the cdma workshop is considered a virus by many anti virus softwares. so these are the things that you should note while unlocking your huawei e1732 idea netsetter usb modem. and also you should not start your huawei e1732 dashboard
SO HERE IS THE STEP BY STEP GUIDE TO UNLOCKING HUAWEI E1732 IDEA NETSETTER
§  download the cdma workshop and save the cdma workshop v 2.7.0. you must disable antivirus before opening the cdma workshop
§  download huawei e1732 downgrader
§  insert a non idea sim to your huawei e1732 netsetter
§  now you must find the common port to which your huawei e1732 modem is connected. you can do this by.
§  Right click on your “My Computer” icon > Properties > Device Manager > Ports (COM & LPT)  > HUAWEI Mobile Connect – 3G Application Interface (COM[The port number appear in your system])
§  note down the com port number into which your huawei e1732 idea netsetter modem is connected
§  Run “CDMA Workshop v2.7.0.exe”
§  Select the Port that you noted from your Device Manager under the Port option in “COM Settings (AT mode)” under the “Main” tab.
§  then click on connect and then click on read
§  Go to the “Security” tab > Type “000000” in the blank box under “SPC” > Click on “SPC” button > Click on “Send” with Default (nv_read) as SPC.
§  Click on “Memory” tab > NV Items > Read > Now a “Conform” box will appear > Click “OK” > Now a “NV Items Backup” box will appear > In the box straight to “Last NV Item” type “9999” > Click “OK” > Save the file by giving a file name you like (Eg: E1732Unlock etc.)
§  When the buffer reach “100%” your file is saved successfully > Now a “Information” box will appear > Click “OK” > Minimise “CDMA Workshop v2.7.0”
§   Run “E1732 Downgrader” >  accept the agreement > Next > Wait for a few seconds until the search for your modem finishes > (Don’t mark on “Auto remove the device after update”) Next > (Don’t remove your data card until the process is finished) > Start > At the end of “Downloading Programs…” you will get a “Update Failure!” error dialog box (DON’T WORRY & DON’T GET DISAPPOINTED) > Click “OK” > Click “Finish
§  Restore “CDMA Workshop v2.7.0” > “Main” tab > Disconnect
§  Unplug your Idea Netsetter (Modem) from your computer.
§  Again Plug it to the Computer > Check the “Port” again from the “Device Manager”
§  Go to “CDMA Workshop v2.7.0” select the Port that you noted from your Device Manager under the Port option in “COM Settings (AT mode)” under the “Main” tab as we did before > Click on “Connect” > “Memory” tab > NV Items > Click on “Write” > A “Confirm” box will appear > Click “OK” > “Open” dialog box will appear > Open the file that you saved before > When the buffer reach “100%” a “Information” dialog box appears with a success message > Click “OK” > “Main” tab > Disconnect
§  Now close “CDMA Workshop v2.7.0” > A “Confirm” dialogue box will appear > Click “NO”
§  Close everything > Enable your Antivirus
§  That’s it. Your Idea Netsetter E1732 is unlocked successfully.
§  Unplug Idea Netsetter (Modem) from your computer.
§  Again Plug it to the Computer.
§  Wait for Idea Netsetter to Start
§  Put a SIM Card other than IDEA to the Netsetter / ModemIf it again shows “The SIM/USIM card not been detected or is invalid” (DON’T GET DISAPPOINTED) > Click “OK” > Wait for the SIM card to be detected > It will detect the SIM card and enjoy browsing with any other SIM.
§  to make new mobile apn settings you can download huawei mobile partner. read and download mobile partner from this page


many people are having problem while connecting to internet with other sim cards
now you can connect by any sim card with default IDEA net Setter Dashboard using these steps
If your Modem is detecting sim cards and you are getting errors then do this
for XP
1 Control Panel -> Phone and Modem (found directly in control panel or in Printers and other hardware ) –> modem tab –> huawei mobile connect 3g modem (which is present on COM ) –> –> properties advance –> in extra initializing command use given commands and click OK
for windows 7
start menu -. type phone and modem — click on it—>modems –>huawei mobile connect 3g modem–properties–>change settings–>advance–>extra initialization command–>use given command
and if it ask for Country and area code then Country – India and Area Code – 91 and leave other blank
commands are here
Aircel – AT+CGDCONT=1,”IP”,”aircelgprs”
Airtel – AT+CGDCONT=1,”IP”,”airtelgprs.com”
BSNL – AT+CGDCONT=1,”IP”,”bsnlnet”
Idea – AT+CGDCONT=1,”IP”,”internet”
Reliance – AT+CGDCONT=1,”IP”,”rcomnet”
Tata Docomo – AT+CGDCONT=1,”IP”,”tata.docomo.internet”
Videocon – AT+CGDCONT=1,”IP”,”vinternet.com”
Vodafone – AT+CGDCONT=1,”IP”,”www”
if you have any trouble doing this please comment here


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Firmware Update Wizard
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The data card can't be found. Error Code: 3
One of the following reasons may cause the error:
a. The data card is not properly connected to PC.
b. Other program is using the data card.
c. You do not have the authority of the administrator.
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OK